बिहार के सीमावर्ती जिलों में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस लगातार एक्शन मोड में है। इसी कड़ी में नेपाल बॉर्डर से सटे पश्चिम चंपारण जिले के बलथर थाना क्षेत्र में पुलिस ने रविवार को एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने सीमा पार से हो रही मादक पदार्थों की अंतरराष्ट्रीय तस्करी के खिलाफ बड़ा प्रहार करते हुए 111.404 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। इस दौरान पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक सफेद रंग की वैगनआर कार को जब्त करने के साथ ही एक अंतर्राज्यीय तस्कर को रंगे हाथों गिरफ्तार करने में भी सफलता पाई है।मिली जानकारी के अनुसार, बलथर पुलिस को विश्वस्त सूत्रों से यह पुख्ता गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि भारत-नेपाल सीमा के रास्ते एक लग्जरी कार के जरिए गांजे की एक बहुत बड़ी खेप भारतीय क्षेत्र में खपाने के लिए लाई जा रही है। सीमा पार से होने वाली इस बड़ी साजिश की भनक लगते ही बलथर थानाध्यक्ष ओमप्रकाश गुप्ता तुरंत एक्शन में आ गए। उन्होंने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया और पुलिस बल के साथ सीमावर्ती मुख्य मार्ग पर तत्काल सघन वाहन जांच अभियान (Vehicle Checking Campaign) शुरू कर दिया।
वाहन जांच के दौरान पुलिस टीम हर आने-जाने वाली गाड़ी पर पैनी नजर रख रही थी। इसी बीच नेपाल की ओर से आ रही एक संदिग्ध सफेद रंग की वैगनआर कार दिखाई दी, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर BR22BF2725 था। पुलिस टीम को सड़क पर मुस्तैद देखकर कार चालक ने गाड़ी की रफ्तार बढ़ाकर भागने की कोशिश की। हालांकि, थानाध्यक्ष ओमप्रकाश गुप्ता के नेतृत्व में पहले से ही मुस्तैद जवानों ने फिल्मी अंदाज में घेराबंदी करते हुए कार को चारों तरफ से घेर लिया और चालक को दबोच लिया। कार को कब्जे में लेने के बाद जब पुलिस टीम ने उसकी गहन तलाशी शुरू की, तो पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए। तस्कर ने पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए कार के अंदर विशेष गुप्त तहखाने (केविन) बनवा रखे थे। जब इन तहखानों को खोला गया, तो उसमें भारी मात्रा में गांजे के पैकेट ठूस-ठूस कर भरे हुए मिले। पुलिस ने जब बरामद गांजे का वजन कराया तो वह कुल 111.404 किलोग्राम (1 क्विंटल से अधिक) निकला। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस भारी खेप की कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है। मौके से गिरफ्तार तस्कर की पहचान मनमोहन कुमार के रूप में हुई है, जो गोपालपुर थाना क्षेत्र का निवासी बताया जा रहा है। बलथर थानाध्यक्ष ओमप्रकाश गुप्ता ने डिजिटल मीडिया से बातचीत में इस पूरी कार्रवाई की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपी मनमोहन कुमार के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। थानाध्यक्ष ने आगे कहा कि पुलिस सिर्फ इस गिरफ्तारी पर ही नहीं रुकने वाली है। इस अंतरराष्ट्रीय तस्करी सिंडिकेट के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज (Forward and Backward Linkages) को खंगाला जा रहा है। पुलिस यह पता लगा रही है कि नेपाल में यह गांजा किसने लोड कराया था और बिहार या अन्य राज्यों में इसे कहाँ सप्लाई किया जाना था। बहुत जल्द इस रैकेट से जुड़े अन्य मुख्य सरगनाओं को भी सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।




















