बगहा पुलिस जिला अंतर्गत पटखौली थाना क्षेत्र के आसनी गांव में मंगलवार की दोपहर एक दर्दनाक हादसे में करंट लगने से एक किशोर की मौत हो गई। मृतक की पहचान आसनी गांव निवासी अनुराग कुमार के रूप में हुई है। घटना के बाद परिवार में मातम छा गया है, जबकि पूरे गांव में शोक का माहौल व्याप्त है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अनुराग कुमार दोपहर के समय गांव के समीप स्थित एक आम के पेड़ पर आम तोड़ने के लिए चढ़ा हुआ था। बताया जाता है कि जिस पेड़ पर वह चढ़ा था, उसके बेहद करीब से विद्युत तार गुजर रहा था। आम तोड़ने के दौरान अचानक उसका संपर्क बिजली के तार से हो गया। करंट लगते ही किशोर जोरदार झटके के साथ पेड़ से नीचे गिर पड़ा और गंभीर रूप से घायल हो गया।
घटना को देख आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों और परिजनों ने बिना देर किए अनुराग को इलाज के लिए बगहा अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया। परिजन उसकी जान बचाने की उम्मीद में अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन वहां मौजूद चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

अस्पताल के चिकित्सक डॉ. राजीव कुमार ने बताया कि अस्पताल लाए जाने तक किशोर की मौत हो चुकी थी। चिकित्सकीय जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया गया। मौत की पुष्टि होते ही अस्पताल परिसर में मौजूद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिवार के सदस्यों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और माहौल गमगीन हो गया। स्थानीय लोगों के अनुसार अनुराग एक होनहार और मिलनसार किशोर था। उसकी असामयिक मौत से गांव के लोग भी स्तब्ध हैं। घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल और उसके घर पहुंच गए। हर कोई इस हादसे को लेकर दुख व्यक्त करता नजर आया।
बताया जाता है कि अस्पताल में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही परिजन शव को लेकर घर लौट गए। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। घटना के बाद गांव में शोक की लहर दौड़ गई है और मृतक के घर लोगों का तांता लगा हुआ है।

आसनी पंचायत के मुखिया भोला यादव ने घटना की पुष्टि करते हुए इसे अत्यंत दुखद बताया। उन्होंने मृतक परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है। साथ ही ग्रामीणों ने भी बिजली विभाग से मांग की है कि आबादी वाले क्षेत्रों और पेड़ों के समीप से गुजर रहे विद्युत तारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। यह हादसा एक बार फिर बिजली के खुले और असुरक्षित तारों से उत्पन्न खतरों की ओर ध्यान आकर्षित करता है। ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत सुरक्षा को लेकर सतर्कता और प्रभावी व्यवस्था की आवश्यकता महसूस की जा रही है।














