बगहा। केंद्रीय कोयला एवं खनन राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने सोमवार को पटना में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात कर राज्य के कोयला, खनन, ऊर्जा और औद्योगिक विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की। इस मुलाकात की जानकारी उन्होंने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज के माध्यम से साझा की। बैठक के दौरान बिहार में उपलब्ध खनिज संसाधनों के बेहतर उपयोग, ऊर्जा उत्पादन क्षमता के विस्तार तथा औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। इसके बाद कोयला मंत्रालय, कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) और बिहार सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति और संभावनाओं पर विस्तृत जानकारी प्राप्त की गई।

सतीश चंद्र दुबे ने कहा कि बिहार केवल अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के लिए ही नहीं जाना जाता, बल्कि खनिज एवं प्राकृतिक संसाधनों की दृष्टि से भी देश के सबसे संभावनाशील राज्यों में शामिल है। उन्होंने बताया कि राज्य में लगभग 9 अरब टन कोयला भंडार उपलब्ध है, जो बिहार के औद्योगिक विकास की मजबूत आधारशिला बन सकता है। इसके साथ ही कोयला गैसीकरण की व्यापक संभावनाएं राज्य को ऊर्जा क्षेत्र में नई पहचान दिला सकती हैं।
बैठक में भागलपुर क्षेत्र के कोयला ब्लॉकों के विकास पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा कोयला गैसीकरण परियोजनाओं को गति देने और निजी एवं सार्वजनिक निवेश को आकर्षित करने के उपायों पर विचार-विमर्श किया गया। मंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं के सफल क्रियान्वयन से राज्य में बड़े पैमाने पर औद्योगिक गतिविधियां बढ़ेंगी और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

ऊर्जा क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए पश्चिमी चंपारण में प्रस्तावित 500 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजना को भी महत्वपूर्ण बताया गया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना न केवल स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देगी, बल्कि बिहार की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को भी नई मजबूती प्रदान करेगी। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय एवं सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया गया।

सतीश चंद्र दुबे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार बिहार को उसके गौरवशाली औद्योगिक और खनिज स्वरूप में पुनर्स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से राज्य सरकार के साथ मिलकर ऊर्जा, खनन और औद्योगिक विकास की विभिन्न योजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है।
उन्होंने विश्वास जताया कि डबल इंजन सरकार के समन्वित प्रयासों से बिहार में हजारों करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित होगा, बड़े स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे और राज्य विकास के नए दौर में प्रवेश करेगा। उन्होंने कहा कि विकसित बिहार और विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ मिलकर कार्य कर रही हैं।












