बगहा। बिहार और यूपी की लाइफ लाइन कहे जाने वाली धनहा गौतम बुद्ध सेतु आज स्ट्रीट लाइट का नहीं होना तथा अंधेरे के जद में पुल पार करना कुछ अटपटा सा लग रहा है। 26नवंबर 2013 में गौतम बुद्ध सेतु का शिलान्यास बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया था। गंडक पार मधुबनी, पिपरासी, भीतहा तथा ठकराहा के आमजनमानस के लिए जिला मुख्यालय तक पहुंचना आसान हो गया। हालाकि सेतु का शिलान्यास के बाद सोलर घर से पुल पर लगे स्ट्रीट लाइट की दूधिया रोशनी में हर एक आने जाने वाले लोगों के लिए बेहतर साबित हुआ था। जबकि कुछ समय बीतने के बाद से स्ट्रीट लाइट का खम्भा भी धीरे धीरे गायब होता चला गया। आज के परिवेश में रात्रि में जाने वाले लोगों को डर महसूस हो रहा है। लाइट नहीं होने पर स्थानीय ग्रामीणों ने प्रतिनिधियों तथा अधिकारियों से अनुरोध भी किया था। लेकिन बावजूद इसके आज भी गौतम बुद्ध सेतु अँधेरे में है।

धनहा रतवल गौतम बुद्ध सेतु 1.35किलोमीटर की दूरी है जबकि 12मीटर की चौड़ाई में बनी पुल क्षेत्र के लिए अच्छी पहल थी।
गंडक नदी पर बनी गौतम बुद्ध सेतु सेल्फी प्वाइंट यादगार बना हुआ है। खास तौर पर उत्तरप्रदेश के युवाओं तथा रिल बनाने वाले युवा वर्ग के लिए सुरक्षित पर्यटन स्थल बन चुका है। सुरक्षा के लिहाज से धनहा थाना तथा नदी थाना की पुलिस की चौकसी बराबर रहती है। गंडक पार के आम नागरिकों ने गौतम बुद्ध सेतु की रख रखाव तथा स्ट्रीट लाइट पुनः लगवाने के लिए अधीनस्थ अधिकारियों से अनुरोध किया है।











