बगहा। नगर परिषद क्षेत्र में मच्छररोधी दवा का नियमित छिड़काव नहीं होने से लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। नगर के विभिन्न वार्डों में रहने वाले लोगों ने नगर परिषद प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि फॉगिंग और दवा छिड़काव केवल कागजों तक सीमित रह गया है, जबकि धरातल पर कहीं भी प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है। इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी किरण देवी, रवि कुमार, रोहित कुमार, नारायण पासवान, फिरोज अंसारी, इमरान अंसारी, अशोक दास, जितेंद्र कुमार, उमेश अग्रवाल और सोनू गुप्ता समेत अन्य लोगों ने बताया कि नगर में मच्छरों का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। स्थिति इतनी खराब हो गई है कि अब दिन के समय भी मच्छरों का आतंक बना रहता है। लोगों का कहना है कि शाम होते ही घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है और बच्चों व बुजुर्गों की परेशानी सबसे अधिक बढ़ गई है। नगर वासियों ने आरोप लगाया कि नगर परिषद द्वारा वार्डवार फॉगिंग का रोस्टर तैयार किए जाने का दावा किया जाता है, लेकिन कई इलाकों में महीनों से फॉगिंग मशीन तक नहीं पहुंची है। नालियों की नियमित सफाई नहीं होने और जगह-जगह जलजमाव बने रहने से मच्छरों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो नगर में संक्रामक बीमारियों का खतरा और बढ़ सकता है। स्थानीय लोगों के अनुसार मच्छरों के बढ़ते प्रकोप से डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड और स्किन इन्फेक्शन जैसी बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है। इसके बावजूद नगर परिषद प्रशासन इस गंभीर समस्या को लेकर संवेदनशील नहीं दिख रहा है। लोगों में बीमारी को लेकर भय का माहौल बना हुआ है। इधर नगर के कई हिस्सों में जलजमाव की समस्या ने हालात और खराब कर दिए हैं। मवेशी अस्पताल, बीआरसी भवन परिसर तथा अन्य कई स्थानों पर सालोंभर पानी जमा रहता है। वहीं पारस नगर के सर्विस रोड पर सूखे मौसम में भी जलजमाव बना हुआ है, जो मच्छरों के पनपने का बड़ा केंद्र बन चुका है। स्थानीय लोगों ने जल्द स्थायी समाधान की मांग की है।
मामले में नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी सरोज कुमार बैठने ने बताया कि नगर परिषद द्वारा वार्डवार रोस्टर बनाकर नियमित रूप से फॉगिंग कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता पर्यवेक्षक अब्दुल बाकी की देखरेख में मच्छररोधी दवा का छिड़काव और नालियों की सफाई लगातार कराई जा रही है।














