बगहा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में संघ द्वारा देशभर में शताब्दी वर्ष मनाया जा रहा है। इसी क्रम में बगहा नगर स्थित पुष्पांजलि मैरिज हॉल में प्रमुख जन संगोष्ठी कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नगर के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं स्वयंसेवकों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रांतीय सामाजिक सद्भाव प्रमुख श्री कृष्ण कुमार जी तथा विशिष्ट अतिथि जिला संघचालक माननीय जटाशंकर प्रसाद जी रहे। अतिथियों का स्वागत एवं परिचय स्थानीय कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया। अपने बौद्धिक उद्बोधन में श्री कृष्ण कुमार जी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक परम पूजनीय डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के जीवन, उनके विचारों एवं राष्ट्र निर्माण के प्रति उनके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने सामाजिक सद्भाव, राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि भारत का प्रत्येक नागरिक राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानकर जीवन जीता है। भारत की विविधता ही उसकी सबसे बड़ी शक्ति है और “अनेकता में एकता” की भावना देश को विश्व में विशिष्ट पहचान प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि संघ का शताब्दी वर्ष केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा, सामाजिक समरसता और संगठनात्मक विस्तार के संकल्प को और अधिक मजबूत करने का अवसर है। देशभर में विभिन्न तिथियों पर आयोजित हो रहे ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से समाज के सभी वर्गों तक संघ के विचार और कार्यों को पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने स्वयंसेवकों का आह्वान करते हुए कहा कि डॉ. हेडगेवार के सपनों के अनुरूप सशक्त, समरस और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए प्रत्येक स्वयंसेवक दृढ़ संकल्पित होकर कार्य कर रहा है। कार्यक्रम को सफल बनाने में जिला कार्यवाह सतीश कुमार, नगर कार्यवाह प्रवीण कुमार, जिला व्यवस्था प्रमुख उमेश अग्रवाल, पर्यावरण संरक्षण गतिविधि प्रमुख जितेंद्र कुमार, दिलीप कुमार, संतोष सोनी, नितिन शाह, हिमांशु कुमार, राजीव कुमार, कमलेश कुमार, सुरेंद्र शाही, राजेंद्र पाठक एवं निशांत कुमार सहित अनेक स्वयंसेवकों की सक्रिय भूमिका रही। इसके अतिरिक्त भाजपा जिला अध्यक्ष अचिंत्य कुमार ‘लल्ला’, रितु जायसवाल, पूर्व जिला अध्यक्ष भूपेंद्र नाथ तिवारी तथा अन्य गणमान्य नागरिकों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता दर्ज कर शताब्दी वर्ष के आयोजन की सराहना की। कार्यक्रम राष्ट्रगान के साथ संपन्न हुआ।















