बेतिया। बिहार सरकार के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के मंत्री सह जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति (20 सूत्री) के अध्यक्ष लखेन्द्र कुमार रौशन ने कहा कि पश्चिम चम्पारण को आदर्श जिला बनाने के लिए जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और आम नागरिकों को मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि जिले के सर्वांगीण विकास के लिए सभी की सहभागिता और समन्वित प्रयास आवश्यक हैं। वे गुरुवार को समाहरणालय सभागार, बेतिया में आयोजित जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति (20 सूत्री) की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे।

बैठक का शुभारंभ राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ तथा समापन बिहार गीत के साथ किया गया। इस दौरान उप विकास आयुक्त काजले वैभव नितिन ने पिछली बैठक की कार्यवाही के अनुपालन प्रतिवेदन के साथ विभिन्न विभागों द्वारा संचालित विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की अद्यतन प्रगति से अध्यक्ष को अवगत कराया। बैठक में विभागवार उपलब्धियों, लंबित मामलों और जनहित से जुड़े मुद्दों की विस्तृत समीक्षा की गई। प्रभारी मंत्री लखेन्द्र कुमार रौशन ने कहा कि पश्चिम चम्पारण में प्रभारी मंत्री के रूप में यह उनकी पहली समीक्षा बैठक है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों द्वारा दिए गए सुझावों पर गंभीरतापूर्वक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि 20 सूत्री समिति की बैठकों से संबंधित अनुपालन प्रतिवेदन सभी सदस्यों को बैठक से कम-से-कम एक सप्ताह पूर्व उपलब्ध कराया जाए, ताकि सदस्य उसकी समीक्षा कर सकें और आवश्यक सुझाव दे सकें।
नेपाल सीमा से सटे जिले की विशेष परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए मंत्री ने सीमावर्ती क्षेत्रों में सतत निगरानी रखने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्यों का निष्पादन सुनिश्चित करने तथा आम नागरिकों की समस्याओं का समाधान अधिकतम 30 दिनों के भीतर करने को कहा। साथ ही विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर बल दिया।

बैठक में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया। मंत्री ने कहा कि पीड़ित परिवारों को समय पर न्याय, सहायता राशि और सरकार द्वारा निर्धारित अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ कार्य करने का निर्देश दिया। अतिक्रमण की समस्या पर चर्चा करते हुए मंत्री ने स्थायी अतिक्रमण हटाने की प्रभावी कार्रवाई करने तथा राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर मालवाहक वाहनों से किसी भी प्रकार की अवैध वसूली पर सख्ती से रोक लगाने का निर्देश दिया। शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि विद्यालयों में विकास कार्य विद्यालय प्रबंधन समिति की स्वीकृति एवं अनुमोदन के बाद ही कराए जाएं। बिना अनुमति रात्रि प्रहरी की नियुक्ति अथवा अन्य कार्यों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में सांसद डॉ. संजय जायसवाल एवं सुनील कुमार, विधायक रेणु देवी, राम सिंह, नारायण प्रसाद, विनय बिहारी, अभिषेक रंजन, सुरेन्द्र प्रसाद और संजय पाण्डेय ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं, विकास कार्यों एवं जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाया तथा समाधान के लिए सुझाव दिए। विधान पार्षद सौरभ कुमार, भीष्म सहनी और वीरेन्द्र नारायण यादव, जिला परिषद अध्यक्ष निर्भय महतो, उपाध्यक्ष शत्रुघ्न कुशवाहा एवं रूपक श्रीवास्तव सहित 20 सूत्री समिति के सदस्यों ने भी अपने विचार रखे।

बैठक के उपरांत प्रभारी मंत्री द्वारा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभुकों के बीच लाभों का वितरण किया गया। स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण योजना की प्रोत्साहन राशि, प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को नव निर्मित आवास की चाबी, जॉब कार्ड तथा राशन कार्ड वितरित किए गए। बैठक में जिला पदाधिकारी तरनजोत सिंह, वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ. शौर्य सुमन, अपर समाहर्ता राजीव रंजन सिन्हा, अपर समाहर्ता-सह-जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी अनिल कुमार सिन्हा, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी अमरेन्द्र कुमार, निदेशक डीआरडीए अरुण प्रकाश सहित विभिन्न विभागों के जिलास्तरीय पदाधिकारी, अभियंता एवं अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, जवाबदेही और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संकल्प दोहराया गया।




















