पश्चिम चंपारण से नरेंद्र पांडेय की रिपोर्ट
मझौलिया।गुरुबार को कृषि विज्ञान केंद्र माधोपुर में प्राकृतिक खेती विषय पर एक दिवसीय जिला स्तरीय कार्यशाला का उदघाटन सांसद डॉ. संजय जायसवाल, नौतन विद्यायक नारायण प्रसाद ,एमएलसी सौरव कुमार तथा प्रधान कृषि वैज्ञानिक अभिषेक प्रताप सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रजव्वलित कर किया ।सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने किसानों से रासायनिक खेती पर निर्भरता कम कर प्राकृतिक एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने
प्राकृतिक खेती को भविष्य की आवश्यकता बताया ।उन्होने कहा कि इससे किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ कृषि को अधिक टिकाऊ बनाया जा सकता है।
नौतन विद्यायक विधायक नारायण प्रसाद ने कहा कि प्राकृतिक खेती न केवल उत्पादन लागत को कम करती है, बल्कि मिट्टी की उर्वरता, जैव विविधता एवं मानव स्वास्थ्य की सुरक्षा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।प्रबुद्ध किसान रविकांत पांडेय ने पपीता और सेव की खेती पर बल दिया।
तकनीकी सत्र में कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर के वैज्ञानिकों ने प्राकृतिक खेती के विभिन्न आयामों पर विस्तार से चर्चा की। कृषि वैज्ञानिक डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह, डॉ. हर्षा बी. आर,डॉ. सौरभ दुबे एवं अन्य वैज्ञानिकों ने किसानों को प्राकृतिक खेती के सिद्धांत, जीवामृत, घनजीवामृत, बीजामृत, आच्छादन, जैविक पोषक तत्व प्रबंधन तथा एकीकृत कृषि प्रणाली के बारे में जानकारी दी।मौके पर किसानों को कृषि विज्ञान केंद्र परिसर में स्थापित प्राकृतिक खेती प्रदर्शन प्लॉट का भ्रमण भी कराया गया। इस अवसर पर विधायक प्रतिनिधि संदीप श्रीवास्तव ,माधोपुर के पैक्स अध्यक्ष शत्रुघ्न प्रसाद सिंह,रुलही के पैक्स अध्यक्ष सुनील कुमार सिंह,
प्रगतिशील किसान सुशील जायसवाल, रवि शंकर पांडेय ,सेनुवरिया की मुखिया ज्योति श्रीवास्तव ,परशुराम सिंह ,सांसद प्रतिनिधि अमित चौबे, कमल मुखिया, हरिशंकर शर्मा समेत आत्मा के अधिकारियों की भारी संख्या में भागीदारी रही।धन्यबाद ज्ञापन डॉ. सौरभ दूबे ने किया।












