
रामनगर। थाना क्षेत्र में गुरुवार को एक निजी स्कूल की वैन पलटने से करीब दस बच्चे घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और चीख-पुकार के बीच स्थानीय ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से सभी घायलों को रामनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद कई बच्चों और एक शिक्षिका की हालत गंभीर देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए जीएमसीएच बेतिया रेफर कर दिया।
घटना रामनगर के दिउलिया गांव के समीप बहुअरी मोड़ की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, तौलाहा स्थित ए के पब्लिक स्कूल की वैन में 15 से 20 बच्चे सवार थे, जो स्कूल जा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक वैन काफी तेज रफ्तार में थी। बहुअरी मोड़ के पास चालक अचानक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा, जिसके बाद वैन सड़क से करीब पांच फीट नीचे गड्ढे में पलट गई। हादसे के बाद बच्चों में चीख-पुकार मच गई और आसपास के लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे।
सबसे गंभीर बात यह रही कि दुर्घटना के तुरंत बाद चालक घायल बच्चों और क्षतिग्रस्त वाहन को छोड़कर मौके से फरार हो गया। इस घटना ने चालक की जिम्मेदारी और स्कूल प्रबंधन की लापरवाही पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस चालक की तलाश में जुट गई है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि कई बच्चों और एक शिक्षिका की स्थिति चिंताजनक थी, इसलिए उन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया। फिलहाल सभी घायलों का इलाज जारी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि हादसे के बाद स्कूल प्रबंधन मामले को दबाने की कोशिश करता रहा। काफी देर तक लोगों को वीडियो बनाने और तस्वीर लेने से रोका गया। हालांकि अब तक स्कूल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
इस हादसे ने एक बार फिर निजी स्कूल वाहनों की फिटनेस, सुरक्षा मानकों और चालक की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अभिभावकों में भी घटना को लेकर भारी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि स्कूल वाहन नियमों का पालन करते और चालक सावधानी बरतता, तो इतना बड़ा हादसा टाला जा सकता था।














