पश्चिमी चंपारण। बिहार-उत्तर प्रदेश सीमा पर स्थित बांसी गांव के एक कथित अवैध क्लिनिक में प्रसव के दौरान जच्चा और नवजात की मौत का मामला सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। घटना के बाद क्लिनिक संचालक सतेंद्र सिंह और मधुबनी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में कार्यरत एएनएम अबिता कुमारी क्लिनिक छोड़कर फरार हो गए। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। जानकारी के अनुसार, पश्चिमी चंपारण जिले के धनहा थाना क्षेत्र अंतर्गत खोतहवा गांव निवासी विकास यादव की पत्नी रजनी देवी (30 वर्ष) को सामान्य प्रसव के लिए परिजन बिहार-उत्तर प्रदेश सीमा से सटे बांसी गांव स्थित योगी क्लिनिक लेकर पहुंचे थे। परिजनों का आरोप है कि क्लिनिक में प्रसव के दौरान उचित चिकित्सकीय व्यवस्था उपलब्ध नहीं थी और इलाज में गंभीर लापरवाही बरती गई। प्रसव प्रक्रिया के दौरान महिला की हालत लगातार बिगड़ती गई, लेकिन समय रहते उसे किसी बड़े अस्पताल में रेफर नहीं किया गया। स्थिति गंभीर होने पर जच्चा और नवजात दोनों की मौत हो गई।

घटना की खबर फैलते ही मृतका के परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण क्लिनिक पर पहुंच गए। लोगों ने क्लिनिक के अवैध संचालन, अपर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाओं और चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। ग्रामीणों का कहना था कि क्षेत्र में कई निजी क्लिनिक बिना पर्याप्त संसाधनों और आवश्यक अनुमति के संचालित हो रहे हैं, जिससे लोगों की जान जोखिम में पड़ रही है। स्थिति तनावपूर्ण होते देख उत्तर प्रदेश के पडरौना कोतवाली की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने लोगों को समझाकर शांत कराया और मामले की जांच शुरू की। इस दौरान क्लिनिक संचालक और संबंधित एएनएम के फरार होने की सूचना भी सामने आई, जिससे लोगों का आक्रोश और बढ़ गया।
पडरौना कोतवाली प्रभारी ओमप्रकाश तिवारी ने बताया कि दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। उन्होंने कहा कि परिजनों की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है तथा मामले में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना के बाद क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित निजी क्लिनिकों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की निगरानी के अभाव में कई क्लिनिक नियमों को ताक पर रखकर संचालित हो रहे हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों को दंडित करने तथा अवैध क्लिनिकों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाने की मांग की है।
फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग मामले की जांच में जुटे हैं। वहीं जच्चा और नवजात की मौत से परिवार में मातम पसरा हुआ है और पूरे इलाके में घटना को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है।












