पश्चिम चंपारण के मैनाटाँड़ प्रखंड परिसर में बिहार सरकार के जन-कल्याण अभियान के तहत आयोजित तीन दिवसीय प्रखंड सहयोग-सह-जन-कल्याण शिविर का गुरुवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया। 16 से 18 जून तक चले इस शिविर का उद्देश्य सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के साथ-साथ जीविका दीदियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर लखपति दीदी बनाने की दिशा में ठोस पहल करना था।
शिविर के दौरान स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) को बैंकों से जोड़कर स्वरोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा दिया गया। इस क्रम में 70 स्वयं सहायता समूहों के 735 सदस्यों को 2.07 करोड़ रुपये का ऋण स्वीकृत किया गया। वहीं 191 समूहों के 2,015 सदस्यों को 2.48 करोड़ रुपये का ऋण उपलब्ध कराया गया। इसके अलावा 224 समूहों के 2,352 सदस्यों को 1.50 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय सहायता प्रदान की गई।

शिविर की खासियत यह रही कि विभिन्न सरकारी विभागों की सेवाएं एक ही परिसर में उपलब्ध कराई गईं। ई-केवाईसी, आवेदन, पंजीकरण और दस्तावेज सत्यापन जैसी प्रक्रियाएं एक ही स्थान पर पूरी होने से लाभार्थियों को काफी सहूलियत मिली।
समापन समारोह में बीडीओ दीपक राम, डीपीएम राजेंद्र कृष्ण निखिल, बीस सूत्री उपाध्यक्ष धनंजय त्रिपाठी और प्रवीर कुमार गुप्ता समेत अन्य अतिथियों ने भाग लिया। इस दौरान लाभार्थियों के बीच चेक और प्रमाण पत्र वितरित किए गए।

कार्यक्रम की सफलता में जीविका की बीपीएम सरफुन नेशा के नेतृत्व में पूरी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के शिविर ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं। लखपति दीदी अभियान के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार और वित्तीय मजबूती प्रदान कर विकसित बिहार के लक्ष्य को साकार करने का प्रयास किया जा रहा













