बगहा। पटखौली थाना क्षेत्र के पिपरा डीह गांव में बुधवार को एक सनसनीखेज घटना सामने आई, जहां खेत देखकर घर लौट रहे एक किसान पर मगरमच्छ ने हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, आसपास मौजूद ग्रामीणों की सतर्कता और साहस के कारण किसान की जान बच गई। घायल किसान को तत्काल अनुमंडलीय अस्पताल बगहा में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, पिपरा डीह निवासी 65 वर्षीय नरेश सहनी बुधवार को अपने खेत की स्थिति देखने के लिए सरेह क्षेत्र में गए थे। खेत का निरीक्षण करने के बाद वह शाम के समय घर लौट रहे थे। इसी दौरान उन्हें हरहा नदी पार करनी थी। बताया जाता है कि जैसे ही वह नदी पार करने लगे, पानी में पहले से मौजूद एक मगरमच्छ ने अचानक उन पर हमला कर दिया और उनकी बायीं जांघ को अपने जबड़े में जकड़ लिया।
अचानक हुए हमले से नरेश सहनी चीखने-चिल्लाने लगे। उनकी आवाज सुनकर आसपास खेतों में काम कर रहे और नदी किनारे मौजूद ग्रामीण मौके की ओर दौड़े। ग्रामीणों ने हिम्मत दिखाते हुए शोर मचाया और मगरमच्छ को भगाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद मगरमच्छ किसान को छोड़कर नदी की ओर भाग गया। इस दौरान किसान गंभीर रूप से घायल हो गए और अधिक रक्तस्राव होने लगा। घटना के तुरंत बाद ग्रामीणों ने घायल किसान को अनुमंडलीय अस्पताल बगहा पहुंचाया। अस्पताल में मौजूद चिकित्सक डॉ. संजय कुमार गुप्ता ने उनका प्राथमिक उपचार किया। चिकित्सक ने बताया कि मगरमच्छ के हमले से किसान की बायीं जांघ पर गहरा जख्म हो गया था। चोट गंभीर थी, लेकिन समय पर अस्पताल पहुंच जाने और इलाज मिलने से उनकी स्थिति में सुधार हुआ है। फिलहाल उनकी हालत स्थिर है और चिकित्सकीय निगरानी में उनका इलाज जारी है।

घायल किसान नरेश सहनी ने बताया कि वह खेत देखने के बाद घर लौट रहे थे। हरहा नदी पार करने के दौरान अचानक मगरमच्छ ने उन पर हमला कर दिया। उन्होंने किसी तरह खुद को बचाने का प्रयास किया, लेकिन मगरमच्छ की पकड़ काफी मजबूत थी। ग्रामीणों के समय पर पहुंचने से उनकी जान बच सकी। घटना के बाद इलाके के लोगों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि हरहा नदी और उसके आसपास के क्षेत्रों में मगरमच्छों की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं, जिससे किसानों और आम लोगों की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है। लोगों ने वन विभाग और प्रशासन से नदी किनारे सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने तथा मगरमच्छों की निगरानी बढ़ाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।











