बगहा। पुलिस और आम जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पुलिस जिला बगहा के नौरंगिया थाना क्षेत्र अंतर्गत महुआ, कटहरा एवं दरदरी पंचायत में विशेष सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बगहा पुलिस अधीक्षक रामानंद कौशल ने स्वयं उपस्थित होकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया और उनकी समस्याओं एवं शिकायतों को गंभीरता से सुना। सहयोग शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने हिस्सा लिया और अपने-अपने क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को पुलिस प्रशासन के समक्ष रखा। ग्रामीणों ने कानून-व्यवस्था, सुरक्षा, भूमि विवाद, सामाजिक मुद्दों तथा अन्य स्थानीय समस्याओं से संबंधित मामलों की जानकारी पुलिस अधिकारियों को दी। पुलिस अधीक्षक ने प्रत्येक शिकायत को ध्यानपूर्वक सुनते हुए संबंधित पदाधिकारियों को मामलों के शीघ्र निष्पादन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एसपी रामानंद कौशल ने कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि जनता के साथ विश्वास और सहयोग का मजबूत रिश्ता कायम करना भी है। उन्होंने कहा कि आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की अफवाह पर विश्वास न करें और न ही उसे आगे बढ़ाएं। यदि क्षेत्र में कोई संदिग्ध व्यक्ति, गतिविधि या कानून-व्यवस्था से जुड़ी कोई जानकारी मिले तो उसकी सूचना तत्काल स्थानीय पुलिस को दें। उन्होंने कहा कि समय पर मिली सूचना कई बड़ी घटनाओं को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। शिविर के दौरान लोगों को साइबर अपराध, ऑनलाइन ठगी और सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक सूचनाओं के प्रति भी जागरूक किया गया। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से डिजिटल माध्यमों का सावधानीपूर्वक उपयोग करने तथा किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या ऑनलाइन लेन-देन से सतर्क रहने की सलाह दी। इस अवसर पर नौरंगिया थानाध्यक्ष राज रौशन, स्थानीय जनप्रतिनिधि, पंचायत प्रतिनिधि एवं क्षेत्र के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने पुलिस द्वारा आयोजित इस पहल की सराहना करते हुए इसे जनसमस्याओं के समाधान और पुलिस-जनता संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया। पुलिस प्रशासन का मानना है कि ऐसे सहयोग शिविरों के माध्यम से न केवल लोगों की शिकायतों का त्वरित निपटारा संभव होगा, बल्कि समाज में सुरक्षा, विश्वास और सहभागिता का वातावरण भी और अधिक मजबूत होगा।
















