रामनगर। जिला पदाधिकारी तरनजोत सिंह ने गुरुवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, रामनगर का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं एवं व्यवस्थाओं की विस्तृत जांच की। अचानक हुए इस निरीक्षण से अस्पताल प्रशासन में हड़कंप की स्थिति देखी गई। डीएम ने एक-एक व्यवस्था का बारीकी से अवलोकन करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी ने भंडार पंजी, उपस्थिति पंजी, दवा स्टॉक रजिस्टर सहित विभिन्न महत्वपूर्ण अभिलेखों की जांच की। उन्होंने दवाओं की उपलब्धता, मरीजों को मिलने वाली सुविधाएं, साफ-सफाई व्यवस्था तथा उपचार प्रक्रिया का भी विस्तार से निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी अभिलेखों का नियमित एवं पारदर्शी तरीके से संधारण किया जाए। जिला पदाधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य केंद्रों पर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने विशेष रूप से दवा वितरण व्यवस्था को मजबूत करने, मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने और सभी सेवाओं को प्रभावी बनाने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक मरीज को बेहतर और समयबद्ध चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित की जाए। निरीक्षण के दौरान डीएम ने अस्पताल में भर्ती मरीजों एवं उनके परिजनों से सीधा संवाद किया और उनसे स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में फीडबैक लिया। मरीजों ने अपनी समस्याएं भी साझा की, जिन पर डीएम ने तत्काल सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मरीजों की सुविधा और संतुष्टि प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। जिला पदाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सभी स्वास्थ्य कर्मी अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाएं और जनता को बेहतर सेवा प्रदान करें। इस अवसर पर अपर समाहर्ता राजीव रंजन सिन्हा, विशेष कार्य पदाधिकारी (जिला गोपनीय शाखा) सुजीत कुमार सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। डीएम ने कहा कि ऐसे औचक निरीक्षण आगे भी नियमित रूप से किए जाएंगे, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में निरंतर सुधार सुनिश्चित किया जा सके और आम जनता को बेहतर सुविधा मिल सके।















