पश्चिमी चंपारण। जिले में आगामी ईद-उल-अजहा (बकरीद) पर्व को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न कराने को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। पर्व के दौरान किसी भी प्रकार की अफवाह, असामाजिक गतिविधि या साम्प्रदायिक तनाव की आशंका को देखते हुए प्रशासनिक एवं पुलिस स्तर पर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। इसी को लेकर शनिवार को समाहरणालय स्थित कार्यालय प्रकोष्ठ में जिलाधिकारी तरनजोत सिंह की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के सभी अनुमंडलों के प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि बकरीद पर्व 28 से 30 मई के बीच मनाए जाने की संभावना है और इसे जिले में शांति, सद्भाव तथा भाईचारे के माहौल में सम्पन्न कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील स्थलों की पहचान कर वहां पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी एवं पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही धारा-126 एवं 135 के तहत निरोधात्मक कार्रवाई तेज करने तथा बाउंड डाउन की प्रक्रिया समय पर पूरी करने का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि पर्व के दौरान माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सोशल मीडिया पर विशेष निगरानी रखने का निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि फेक वीडियो, भ्रामक फोटो और अफवाह फैलाने वाले पोस्ट पर प्रशासन की पैनी नजर रहेगी तथा ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जिन क्षेत्रों में अब तक शांति समिति की बैठक नहीं हुई है, वहां शीघ्र बैठक आयोजित कर स्थानीय युवाओं एवं प्रभावशाली लोगों को जोड़ा जाए। नगर निकाय क्षेत्रों में क्यूआरटी टीम को सक्रिय रखने पर भी जोर दिया गया। वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ. शौर्य सुमन ने सभी थाना क्षेत्रों में गश्ती एवं पेट्रोलिंग बढ़ाने तथा पुलिस अधिकारियों को पूरी सतर्कता बरतने का निर्देश दिया। वहीं पुलिस अधीक्षक बगहा रामानंद कुमार कौशल ने संवेदनशील क्षेत्रों में पुनः शांति समिति की बैठक कराने और अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने पर बल दिया। बैठक में कई वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।















