
बगहा। नगर परिषद क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। वार्ड संख्या 23 और 28 में एनएच-727 बगहा-बेतिया मुख्य मार्ग से नवकी बाजार जाने वाली सड़क होते हुए राधेश्याम मंदिर तक हाल ही में कराई गई पीसीसी ढलाई को लेकर स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों में नाराजगी देखी जा रही है। निर्माण कार्य को लेकर लगातार अनियमितता और मानकों की अनदेखी के आरोप लगाए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, सड़क निर्माण कार्य शुरू होने के दौरान ही स्थानीय दुकानदारों ने जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने को लेकर विरोध जताया था। दुकानदारों का कहना था कि बिना ड्रेनेज सिस्टम के सड़क निर्माण किए जाने से बरसात के दिनों में गंभीर जलजमाव की समस्या उत्पन्न हो सकती है, जिससे आम लोगों और व्यवसायियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ेगी। विरोध बढ़ने पर सहायक अभियंता, कनीय अभियंता तथा सभापति प्रतिनिधि पप्पू गुप्ता मौके पर पहुंचे थे। उस समय अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लेते हुए समस्या के समाधान का आश्वासन दिया था और निर्माण कार्य को मानकों के अनुरूप कराने की बात कही थी।
लेकिन अब यह मामला नया मोड़ ले चुका है। वार्ड संख्या 28 के पार्षद अजय नाथ ने इस पूरे निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने शुक्रवार को जिला पदाधिकारी बेतिया को आवेदन देकर गंभीर आरोप लगाए हैं कि पीसीसी ढलाई कार्य में तय मानकों का पालन नहीं किया गया और निर्माण कार्य काफी घटिया स्तर का कराया गया है। पार्षद का कहना है कि सड़क निर्माण में उपयोग की गई सामग्री की गुणवत्ता संदिग्ध है, जिससे सड़क की मजबूती और दीर्घायु पर प्रश्नचिन्ह लग गया है। अपने आवेदन में पार्षद ने यह भी उल्लेख किया है कि नगर परिषद के कार्यपालिका अभियंता सुबोध कुमार पासवान द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि किसी भी निर्माण कार्य के दौरान कनीय अभियंता और सहायक अभियंता की मौजूदगी अनिवार्य होगी। इसके बावजूद कई स्थानों पर अधिकारियों की अनुपस्थिति में कार्य कराए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। इतना ही नहीं, कई जगहों पर निर्माण कार्य से संबंधित शिलापट्ट भी नहीं लगाए गए हैं, जिससे योजनाओं की पारदर्शिता पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में न तो गुणवत्ता का ध्यान रखा गया और न ही तकनीकी मानकों का सही तरीके से पालन हुआ है। इससे सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका भी जताई जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते जांच नहीं हुई तो कुछ ही महीनों में यह सड़क टूटने लगेगी और समस्या और गंभीर हो जाएगी। इस पूरे मामले पर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी सरोज कुमार बैठा ने कहा कि सभी निर्माण कार्यों को मानक के अनुसार कराने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी प्रकार की शिकायत प्राप्त होती है तो उसकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल क्षेत्र में इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज है और लोग निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।














