थोक विक्रेताओं की भी होगी जांच

सूचना के सत्यापन के बाद सहायक औषधि नियंत्रक (प्रशासन) के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। मजिस्ट्रेट और रामनगर थाना पुलिस की मौजूदगी में संबंधित दुकान पर छापेमारी की गई। जांच के दौरान दुकान से 73 प्रकार की दवाएं बरामद की गईं। इसके अलावा कई दवाओं के नमूने जांच के लिए संग्रहित किए गए हैं। औषधि विभाग के अधिकारियों के अनुसार जब्त दवाओं और नमूनों की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल संबंधित व्यक्ति के खिलाफ औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के तहत कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
इसी दौरान बगहा पुलिस जिला द्वारा चलाए जा रहे नशा विरोधी अभियान के तहत रामनगर थाना क्षेत्र की एक एजेंसी और दुकान में भी छापेमारी की गई। पुलिस को सूचना मिली थी कि वहां प्रतिबंधित कफ सिरप का अवैध भंडारण कर बिक्री की जा रही है। सूचना के सत्यापन के बाद औषधि निरीक्षक की उपस्थिति में तलाशी अभियान चलाया गया। जांच के दौरान टस्कलिस-टी कफ सिरप और ग्रेट-एक्स कफ सिरप की कुल 201 बोतलें बरामद की गईं। पुलिस ने सभी बोतलों को जब्त कर लिया।
बगहा पुलिस अधीक्षक रामानंद कौशल ने बताया कि प्रतिबंधित कफ सिरप रखने और बेचने के आरोप में दो व्यक्तियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। मामले की गहन जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस अवैध नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।
बगहा। पुलिस जिला और औषधि विभाग ने अवैध दवा कारोबार तथा नशीले पदार्थों की बिक्री के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए रामनगर में दो अलग-अलग मामलों का खुलासा किया है। एक ओर बिना लाइसेंस संचालित मेडिकल दुकान पर छापेमारी कर 73 प्रकार की दवाएं जब्त की गईं, वहीं दूसरी ओर नशीले कफ सिरप के अवैध भंडारण और बिक्री के मामले में 201 बोतल प्रतिबंधित कफ सिरप बरामद किया गया है। प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध दवा कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। औषधि निरीक्षक कन्हैया किशोर सिंह ने बताया कि विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि रामनगर थाना क्षेत्र के मदरसा टोला नारायणपुर निवासी मोहम्मद रसूल बिना वैध लाइसेंस के दवा दुकान संचालित कर रहा है। आरोप था कि वह विभिन्न थोक विक्रेताओं से दवाएं खरीदकर अवैध रूप से बिक्री कर रहा था।

औषधि विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में बिना लाइसेंस संचालित दवा दुकानों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। विभाग अब उन थोक विक्रेताओं की भी जांच कर रहा है जो ऐसे अवैध दुकानदारों को दवाओं की आपूर्ति कर रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने और अवैध दवा कारोबार पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए संयुक्त अभियान आगे भी जारी रहेगा। दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति या संस्था को बख्शा नहीं जाएगा।














