बगहा। नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 30 में सफाई व्यवस्था की स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। वार्ड के बगीचे के पास बनी नालियों की लंबे समय से सफाई नहीं होने के कारण नालियों के ऊपर घास-फूस और झाड़ियां उग आई हैं। स्थिति ऐसी हो गई है कि नालियों का स्लैब पूरी तरह घास और कचरे से ढक चुका है। पहली नजर में ऐसा प्रतीत होता है मानो यहां नाली का निर्माण ही नहीं कराया गया हो। स्थानीय लोगों का कहना है कि नियमित सफाई नहीं होने के कारण नालियों में गंदगी जमा होती जा रही है। कई जगहों पर पानी का बहाव भी बाधित हो गया है, जिससे दुर्गंध फैलने लगी है। लोगों का आरोप है कि नगर परिषद द्वारा सफाई व्यवस्था को लेकर किए जा रहे दावों की हकीकत वार्ड संख्या 30 की स्थिति देखकर आसानी से समझी जा सकती है। नालियों की सफाई नहीं होने का सबसे बड़ा असर क्षेत्र में बढ़ रहे मच्छरों के प्रकोप के रूप में सामने आ रहा है। शाम होते ही मच्छरों का आतंक बढ़ जाता है, जिससे लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। बच्चों और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों ने बताया कि मच्छरों की बढ़ती संख्या के कारण डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। लोगों का यह भी कहना है कि नगर परिषद प्रशासन द्वारा वार्ड में मच्छर रोधी दवा का नियमित छिड़काव नहीं कराया जा रहा है। इसके कारण समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। नागरिकों ने प्रशासन से जल्द सफाई अभियान चलाने और फॉगिंग तथा दवा छिड़काव की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। इस संबंध में वार्ड पार्षद संजय यादव ने बताया कि वार्ड में सफाई को लेकर विशेष अभियान जल्द चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि नालियों की सफाई कराकर जमा घास-फूस और कचरे को हटाया जाएगा, ताकि जल निकासी व्यवस्था सुचारु हो सके। इसके साथ ही मच्छर रोधी दवा का भी छिड़काव कराया जाएगा, जिससे लोगों को राहत मिल सके। वार्ड पार्षद ने दावा किया कि नगर परिषद क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में लगातार सफाई कार्य कराया जा रहा है और जहां भी समस्याएं सामने आ रही हैं, उनका समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि जमीनी स्तर पर सफाई व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की जरूरत है, ताकि नागरिकों को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण मिल सके।















