पश्चिम चंपारण। पश्चिम चंपारण जिले के बाढ़ एवं जल-जमाव की गंभीर समस्या को लेकर विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) ई. सौरव कुमार ने मंगलवार को बिहार के उपमुख्यमंत्री सह जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी से शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने जिले के विभिन्न बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों, विशेषकर चनपटिया प्रखंड की पंचायतों में वर्षों से चली आ रही जल-जमाव की समस्या से मंत्री को विस्तारपूर्वक अवगत कराया। एमएलसी सौरव कुमार ने बताया कि चनपटिया प्रखंड के कई क्षेत्रों में 100 एकड़ से अधिक कृषि योग्य भूमि प्रतिवर्ष जल-जमाव की चपेट में आ जाती है। इसके कारण किसानों का दो फसल चक्र प्रभावित होता है और उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने इस संबंध में स्थायी समाधान की मांग करते हुए उपमुख्यमंत्री को एक विस्तृत पत्र भी सौंपा। पत्र में उल्लेख किया गया है कि चनपटिया प्रखंड अंतर्गत बेतियाडीह पंचायत के जोकहों ग्राम के दक्षिणी भू-भाग में स्थित उत्तर सरेह क्षेत्र में हर वर्ष वर्षा ऋतु के आगमन के साथ व्यापक स्तर पर जल-जमाव की समस्या उत्पन्न हो जाती है। परिणामस्वरूप क्षेत्र की बड़ी कृषि योग्य भूमि लंबे समय तक जलमग्न रहती है और खेती-बाड़ी पूरी तरह प्रभावित होती है। यह समस्या केवल जोकहों ग्राम तक सीमित नहीं है, बल्कि श्रीनगर, पुरवा, खैरटिया, गुरवलिया, तुनिया, कुड़वा मठिया, पूर्वी तुरहापट्टी एवं बानूछापर पंचायतों तक फैली हुई है। इन पंचायतों की हजारों एकड़ उपजाऊ भूमि जलभराव के कारण अनुपयोगी हो जाती है। समुचित जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने से किसानों की फसलें नष्ट हो जाती हैं, जिससे उनकी आय और आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। एमएलसी ने उपमुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि क्षेत्र में नहर, आधुनिक ड्रेनेज प्रणाली अथवा अन्य प्रभावी एवं स्थायी जल निकासी व्यवस्था की स्वीकृति प्रदान की जाए, ताकि किसानों को इस समस्या से स्थायी राहत मिल सके। मामले की गंभीरता को देखते हुए उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने सकारात्मक आश्वासन देते हुए कहा कि अगले दो दिनों के भीतर विशेष सर्वेक्षण कराकर समस्या का आकलन किया जाएगा तथा समाधान की दिशा में आवश्यक कार्रवाई शुरू की जाएगी। मुलाकात के दौरान एमएलसी सौरव कुमार ने उपमुख्यमंत्री को बुके एवं अंगवस्त्र भेंट कर किया सम्मानित। क्षेत्र के किसानों को अब सरकार की पहल से जल-जमाव की पुरानी समस्या के समाधान और कृषि उत्पादन में सुधार की उम्मीद जगी है।















