बगहा। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन अभियान को गति देने और लोगों को टीबी (क्षय रोग) के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से एसएसबी 21वीं वाहिनी मुख्यालय में मंगलवार की शाम एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन वाहिनी के कमांडेंट तपेश्वर संबित राउत के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में किया गया, जिसमें वाहिनी की संदीक्षा सदस्याओं, बल कर्मियों तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यक्रम के दौरान बगहा अनुमंडलीय अस्पताल के वरीय यक्ष्मा चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. एस.पी. अग्रवाल ने उपस्थित लोगों को क्षय रोग से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। उन्होंने बताया कि टीबी एक गंभीर संक्रामक बीमारी है, लेकिन समय पर पहचान और नियमित उपचार के माध्यम से इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कई लोग टीबी के शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे बीमारी गंभीर रूप ले सकती है। इसलिए लगातार खांसी, वजन में कमी, बुखार, रात में पसीना आना और कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई देने पर तत्काल जांच करानी चाहिए। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि सरकार द्वारा टीबी रोगियों के लिए निशुल्क जांच और उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे टीबी को लेकर किसी प्रकार की भ्रांति या सामाजिक संकोच न रखें तथा बीमारी की पहचान होने पर नियमित रूप से दवाओं का सेवन करें। उन्होंने यह भी कहा कि समाज में सही जानकारी का प्रसार कर ही टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एसएसबी 21वीं वाहिनी के द्वितीय कमान अधिकारी सुरेश शर्मा ने बल कर्मियों एवं संदीक्षा सदस्याओं से अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि टीबी मुक्त भारत का सपना तभी साकार होगा जब समाज का हर वर्ग जागरूक होकर इस अभियान में भागीदारी निभाएगा। उन्होंने उपस्थित लोगों को अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी टीबी के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने टीबी की रोकथाम, जांच प्रक्रिया, उपचार अवधि तथा रोग से बचाव के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी। साथ ही लोगों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए टीबी से जुड़े विभिन्न मिथकों और भ्रांतियों को भी दूर किया गया। इस अवसर पर एसएसबी की ओर से उप कमांडेंट सोनू कुमार एवं उप कमांडेंट विशाल कुमार उपस्थित रहे। वहीं अनुमंडलीय अस्पताल बगहा की स्वास्थ्य विभाग की टीम में वरीय यक्ष्मा पर्यवेक्षक रवि रंजन, वरीय यक्ष्मा प्रयोगशाला पर्यवेक्षक शमशाद आलम, प्रयोगशाला पर्यवेक्षक अवधेश कुमार तथा परामर्शी पर्यवेक्षक रमेश रंजन ने सहभागिता कर कार्यक्रम को सफल बनाया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने टीबी के प्रति जागरूकता फैलाने तथा “टीबी मुक्त भारत” के लक्ष्य को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। यह कार्यक्रम न केवल स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने में सहायक साबित हुआ, बल्कि समाज में टीबी के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल माना गया।















