पश्चिम चम्पारण। जिले में खरीफ मौसम के तहत धान रोपनी का कार्य इन दिनों पूरे उत्साह और गति के साथ चल रहा है। खेतों में किसान सुबह से शाम तक रोपनी में जुटे हैं, वहीं कृषि विभाग भी किसानों के बीच पहुंचकर उन्हें तकनीकी मार्गदर्शन देने और सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
इसी कड़ी में जिला कृषि पदाधिकारी सरफराज असगर ने बगहा-2 प्रखंड के विभिन्न पंचायत क्षेत्रों का भ्रमण कर धान रोपनी कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने खेतों में पहुंचकर किसानों से मुलाकात की और उनकी कृषि संबंधी समस्याओं, अनुभवों एवं सुझावों को सुना। खास बात यह रही कि जिला कृषि पदाधिकारी स्वयं खेत में उतरकर किसानों के साथ धान रोपनी में शामिल हुए। अधिकारियों को अपने बीच खेत में कार्य करते देख किसानों में उत्साह का संचार हुआ और उन्होंने उनका स्वागत किया। भ्रमण के दौरान जिला कृषि पदाधिकारी ने किसानों से सीधे संवाद स्थापित करते हुए वर्तमान मौसम की स्थिति, धान की खेती की चुनौतियों तथा बेहतर उत्पादन के लिए अपनाई जाने वाली वैज्ञानिक तकनीकों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने किसानों को बताया कि कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि करना और खेती को अधिक लाभकारी बनाना है। उन्होंने किसानों से विभागीय योजनाओं, अनुदान कार्यक्रमों और प्रशिक्षण शिविरों का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।

किसानों को संबोधित करते हुए जिला कृषि पदाधिकारी ने प्राकृतिक खेती के महत्व पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी की उर्वरता धीरे-धीरे कम होती जा रही है, जिसका असर उत्पादन और पर्यावरण दोनों पर पड़ता है। इसके विपरीत प्राकृतिक खेती मिट्टी की सेहत को बेहतर बनाए रखने के साथ-साथ उत्पादन लागत को भी कम करती है। उन्होंने किसानों को गोबर, जीवामृत, घनजीवामृत एवं अन्य जैविक संसाधनों के उपयोग को बढ़ावा देने की सलाह दी। साथ ही कहा कि प्राकृतिक खेती से तैयार उत्पादों की बाजार में मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे किसानों को बेहतर मूल्य मिलने की संभावना रहती है। यह खेती मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।
क्षेत्र भ्रमण के दौरान किसानों ने कृषि विभाग की पहल की सराहना की। किसानों का कहना था कि अधिकारियों का सीधे खेतों तक पहुंचना और समस्याओं को सुनकर समाधान बताना उनके लिए काफी लाभदायक साबित हो रहा है। इससे खेती से जुड़ी नई जानकारियां और तकनीकें भी आसानी से मिल रही हैं।

अंत में जिला कृषि पदाधिकारी ने किसानों से मौसम आधारित कृषि सलाह का पालन करने, प्रमाणित बीजों का उपयोग करने तथा विभाग द्वारा संचालित योजनाओं एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसानों और कृषि विभाग के संयुक्त प्रयास से जिले में कृषि उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आय में भी निरंतर वृद्धि होगी।





















