बगहा। नगर परिषद की सशक्त स्थायी समिति की बैठक बुधवार को कई महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर विवादों और तीखी चर्चाओं के बीच संपन्न हुई। बैठक में नगर की सफाई व्यवस्था, जल निकासी, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और अधिकारियों की कार्यशैली को लेकर जनप्रतिनिधियों ने जमकर नाराजगी जताई। नगर परिषद क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए 72 करोड़ रुपये उपलब्ध होने के बावजूद बुनियादी सुविधाओं की बदहाल स्थिति बैठक का मुख्य मुद्दा रही।
बैठक की अध्यक्षता सभापति पुष्पा गुप्ता ने की, जबकि संचालन नव निर्वाचित समिति सदस्य जितेंद्र राव उर्फ पप्पू राव ने किया। शुरुआत में नव निर्वाचित सदस्यों का स्वागत किया गया, लेकिन इसके बाद बैठक का माहौल कई मुद्दों पर गर्म हो गया।


सबसे ज्यादा सवाल नगर परिषद की सफाई व्यवस्था को लेकर उठे। समिति सदस्य जितेंद्र राव ने वर्तमान सफाई एजेंसी के कामकाज पर गंभीर आपत्ति जताते हुए कहा कि एजेंसी नगर को स्वच्छ रखने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है। उन्होंने यहां तक सुझाव दिया कि यदि स्थिति में सुधार नहीं होता है तो एजेंसी का कार्य अस्थायी रूप से बंद कर वार्ड पार्षदों को अपने स्तर पर सफाई व्यवस्था संचालित करने का मौका दिया जाए। उनका कहना था कि इससे व्यवस्था की वास्तविक स्थिति सामने आ जाएगी।

वार्ड संख्या-5 के प्रतिनिधि अखिलेश कुमार गिरी ने निर्माण कार्यों की निगरानी को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कई वार्डों में पीसीसी सड़क और नाला निर्माण कार्य चल रहे हैं, लेकिन न तो जूनियर इंजीनियर और न ही सहायक अभियंता मौके पर पहुंचकर निरीक्षण कर रहे हैं। उन्होंने बिना शिलान्यास और सार्वजनिक सूचना के विकास कार्य शुरू किए जाने पर भी आपत्ति जताई।


बैठक में वार्ड संख्या-24 के पार्षद ने जल निकासी की गंभीर समस्या उठाई। कई जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि नगर का कचरा शहर के अंदर ही डंप किया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों को दुर्गंध और प्रदूषण की समस्या झेलनी पड़ रही है। इसके बावजूद समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में अपेक्षित पहल नहीं दिख रही है।


बैठक के दौरान जेई ऋषिकेश कुमार, कमलेश कुमार और एई श्वेता कुमारी की अनुपस्थिति को लेकर भी तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। वार्ड पार्षदों और समिति सदस्यों ने इसे गैर-जिम्मेदाराना रवैया बताते हुए संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब करने की मांग की। विधायक प्रतिनिधि सतीश वर्मा ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के द्वितीय चरण का लेखा-जोखा अब तक प्रस्तुत नहीं किए जाने पर भी सवाल उठाए।

मंत्री प्रतिनिधि विशाल पांडेय ने नगर में विद्युत शवदाह गृह और बाढ़ राहत के लिए हेल्पलाइन व्यवस्था की मांग रखी, जबकि सांसद प्रतिनिधि राकेश सिंह ने सांसद सुनील कुमार द्वारा प्रस्तावित कई विकास योजनाओं का उल्लेख किया। हालांकि जनप्रतिनिधियों का कहना था कि योजनाओं की घोषणाएं तो लगातार हो रही हैं, लेकिन धरातल पर अपेक्षित गति नहीं दिख रही है।

बैठक में कार्यपालक पदाधिकारी सरोज कुमार बैठा, नगर प्रबंधक चंदन कुमार, टाउन प्लानर चंदन कुमार, स्वच्छता एवं स्वास्थ्य प्रभारी अबू बाकी, उपसभापति रश्मि रंजन, वार्ड पार्षद संजय यादव, अजय राउत, वार्ड प्रतिनिधि मोबिन अंसारी, राहुल सिंह, सभापति प्रतिनिधि पप्पू गुप्ता सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक के अंत में अधिकारियों ने व्यवस्था सुधारने का भरोसा दिया, लेकिन जिस तरह से जनप्रतिनिधियों ने सफाई, जल निकासी और विकास कार्यों को लेकर सवाल उठाए, उससे साफ है कि नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है।













