पश्चिमी चंपारण। जिले के इनरवा थाना क्षेत्र अंतर्गत झझरी गांव निवासी 22 वर्षीय प्रवासी मजदूर साजन कुमार की लद्दाख में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया, जबकि पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। मृतक की पहचान जटा महतो के पुत्र साजन कुमार के रूप में हुई है। साजन परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों को निभाने के लिए करीब तीन माह पूर्व रोजगार की तलाश में लद्दाख गए थे, जहां वे प्लंबर मिस्त्री के रूप में कार्य कर रहे थे। परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार साजन कुमार अपने बड़े भाई राजन कुमार के साथ लद्दाख में रहते थे। शनिवार की रात उन्होंने अपने साथियों के साथ भोजन किया और इसके बाद अपने कमरे में सोने चले गए। रविवार सुबह काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुलने पर उनके भाई और अन्य साथियों को चिंता हुई। कई बार आवाज लगाने और दरवाजा खटखटाने के बावजूद अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद कमरे का दरवाजा खोला गया तो साजन कुमार बिस्तर पर मृत अवस्था में पड़े मिले। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन को जानकारी दी गई। इसके बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई और शव का पोस्टमार्टम कराया गया। मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हो सका है, जिससे परिजन और ग्रामीण स्तब्ध हैं। फिलहाल घटना को लेकर विभिन्न तरह की चर्चाएं हो रही हैं, लेकिन आधिकारिक रूप से मौत के कारणों की पुष्टि नहीं की गई है। साजन कुमार की असमय मौत ने परिवार की खुशियों को गहरे मातम में बदल दिया है। परिजनों ने बताया कि उनकी शादी अगले वर्ष मार्च महीने में तय थी। विवाह की तिथि भी निर्धारित कर दी गई थी और परिवार शादी की तैयारियों में जुटा हुआ था। घर में शादी की खुशियों को लेकर उत्साह का माहौल था, लेकिन अचानक आई इस दुखद खबर ने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया।
घटना की जानकारी मिलते ही पिता जटा महतो, माता ध्रुवतारा देवी, बहन मनीषा देवी सहित अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। गांव के लोग बड़ी संख्या में मृतक के घर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना देने में जुटे हैं। पूरे झझरी गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है और हर कोई इस घटना से दुखी नजर आ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि साजन कुमार परिवार के प्रमुख कमाऊ सदस्यों में शामिल थे। उनकी कमाई से ही परिवार का खर्च चलता था। ऐसे में उनकी मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट गहराने की आशंका है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता और सरकारी मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की है।














