पश्चिमी चंपारण। जिले के मैनाटांड़ प्रखंड अंतर्गत पिडारी पंचायत के झझरी गांव में मनरेगा योजना ग्रामीणों के लिए रोजगार का बड़ा सहारा बनकर उभरी है। गंडक विभाग एवं मनरेगा योजना के तहत संचालित “झझरी जलवाहा का गाद सफाई कार्य” इन दिनों तेजी से चल रहा है। इस योजना से जहां स्थानीय मजदूरों को गांव में ही रोजगार मिल रहा है, वहीं जल निकासी व्यवस्था को भी बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार लंबे समय से जलवाहा में जमी गाद के कारण बरसात के दिनों में जल निकासी प्रभावित होती थी। इससे आसपास के खेतों और आबादी वाले क्षेत्रों में जलजमाव की समस्या उत्पन्न हो जाती थी। अब गाद सफाई कार्य शुरू होने से लोगों में उम्मीद जगी है कि आने वाले दिनों में इस समस्या से काफी हद तक राहत मिलेगी। योजना के तहत बड़ी संख्या में स्थानीय मजदूरों को काम दिया गया है। मजदूरों ने बताया कि गांव में ही रोजगार मिलने से उन्हें दूसरे राज्यों या शहरों में पलायन नहीं करना पड़ रहा है। नियमित मजदूरी मिलने से परिवार के भरण-पोषण में भी मदद मिल रही है। श्रमिकों का कहना है कि मनरेगा के माध्यम से मिल रहा रोजगार उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि योजना का क्रियान्वयन पारदर्शी तरीके से किया जा रहा है और मजदूरों को समय पर काम उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे लोगों का मनरेगा योजना के प्रति भरोसा भी बढ़ा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि इसी तरह विकास योजनाओं का संचालन होता रहा तो गांवों की तस्वीर बदल सकती है।इस कार्य को सफलतापूर्वक संचालित कराने में पिडारी पंचायत के पंचायत रोजगार सेवक जितेंद्र कुमार की भूमिका को विशेष रूप से सराहा जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी सक्रियता और नियमित निगरानी के कारण योजना का लाभ वास्तविक जरूरतमंद मजदूरों तक पहुंच रहा है। मजदूरों की उपस्थिति, कार्य की प्रगति और भुगतान संबंधी व्यवस्थाओं पर भी लगातार नजर रखी जा रही है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने कहा कि मनरेगा जैसी योजनाएं ग्रामीण विकास और रोजगार सृजन का मजबूत माध्यम हैं। इससे न केवल लोगों को रोजगार मिल रहा है, बल्कि गांवों में बुनियादी सुविधाओं के विकास को भी गति मिल रही है। झझरी में चल रहा गाद सफाई कार्य इसका एक बेहतर उदाहरण माना जा रहा है।














